Didi और Bobo एक-एक खाली कमरा लेते हैं — बिल्कुल एक जैसे — और दांव लगाते हैं कि कौन अपना कमरा सबसे सुंदर सजाएगा।
Bobo चुनता है ठंडे रंग, Didi चुनती है गर्म रंग। रंगों का पहिया घुमाकर वे जानते हैं कि कौन-से रंग गर्म हैं और कौन-से ठंडे — और फिर सजाते हैं अपनी-अपनी दुनिया।
किसका कमरा होगा ज़्यादा खूबसूरत? अंत एकदम हैरान कर देगा!
"देखो — एक ही कमरा है, पर महसूस क्यों अलग होता है?"
एक चित्र-कहानी की किताब के एक पन्ने पर दो कमरे साथ-साथ बने थे।
बिस्तर की जगह भी एक जैसी, खिड़की भी एक जैसी, कुर्सी तो बिल्कुल एक जैसी —
फिर भी एक कमरा गर्म और आरामदायक लगता था, दूसरा ठंडा और ताज़ा।
"Bobo, देखो! एक ही कमरा है — पर महसूस क्यों अलग होता है?"
Bobo ने किताब पर झुककर काफी देर देखा, फिर कंधे उचकाए।
"Didi, सच में बिल्कुल एक जैसे हैं… पर एक गर्म है, एक ठंडा। अजीब है न!"
फ़र्क था बस एक चीज़ में — रंग में। गर्म कमरा सूर्यास्त जैसा नारंगी था, ठंडा कमरा समुद्र जैसा नीला।
"चलो, हम भी अपना-अपना कमरा सजाते हैं!"
सिर्फ रंग बदला और पूरे कमरे का मिज़ाज बदल गया! Didi के हाथ खुजला रहे थे — खुद आज़माना था।
"Bobo, हम भी एक-एक कमरा सजाते हैं! दांव लगाते हैं, किसका ज़्यादा सुंदर बनेगा!"
Bobo की आँखें चमकीं। "ठीक है! मैं ठंडा कमरा लूँगा। मुझे गर्मी बिल्कुल पसंद नहीं!"
"तो मैं गर्म कमरा लूँगी। मैं जीतूँगी देखना!"
छोटी उँगलियाँ जोड़कर वादा किया, और WAGZAK JUMP में "इच्छाओं का फर्नीचर डिज़ाइन" पाठ खोला।
उनके कमरे के बीचोबीच हवा में एक छोटा-सा खाली कमरा तैरने लगा। दीवारें और फर्श सब सफेद — बिना किसी रंग के।
"वाह! सच में हवा में एक कमरा तैर रहा है!"
पर जब शुरू करने की बारी आई तो समझ नहीं आया — कौन-से रंग गर्म होते हैं और कौन-से ठंडे?
रंगों ने हाथ थामे और एक गोल घेरा बनाया
तभी कमरे के पास एक गोल इंद्रधनुषी घेरा धीरे-धीरे घूमता हुआ प्रकट हुआ।
रंगों ने हाथ थामे और एक बड़ा घेरा बनाया: लाल, नारंगी, पीला, पीला-हरा, हरा, फ़िरोज़ी, नीला, गहरा नीला, बैंगनी, जामुनी।
दस रंगों ने मिलकर पूरा गोला भर दिया। यही है रंग-चक्र — जिसमें दस रंग गोले में एक-दूसरे के बगल खड़े हैं।
Didi ने उंगली से घेरे को घुमाया।
लाल से नारंगी, नारंगी से पीला — हर कदम पर रंग धीरे-धीरे बदलता गया।
अचानक नहीं — बल्कि पड़ोसी रंग से थोड़ा-थोड़ा घुलते हुए। "कितनाआ सुंदर…" Bobo बगल में मुँह खोले देखता रहा।
घेरा दो टुकड़ों में बँटा: गर्म रंग और ठंडे रंग
एक बार छुआ — और रंग-चक्र दो हिस्सों में बँट गया।
एक तरफ सूर्यास्त और अलाव जैसे रंग: जामुनी, लाल, नारंगी, पीला, पीला-हरा।
इन्हें देखते ही लगता है जैसे शरीर थोड़ा गर्म हो गया। ये हैं गर्म एहसास देने वाले रंग।
दूसरी तरफ समुद्र और बर्फ जैसे रंग: हरा, फ़िरोज़ी, नीला, गहरा नीला, बैंगनी।
इन्हें देखते ही उल्टा महसूस होता है — ठंडक। ये हैं ठंडे एहसास देने वाले रंग।
रंगों को छुआ भी नहीं — फिर भी गर्मी और ठंडक महसूस हुई!
"Didi, तो मैं सिर्फ ठंडे रंग ही चुनूँगा।" Bobo नीले खानों पर उँगली ठोकता रहा।
Didi का सूर्यास्त-कमरा — तैयार!
फर्नीचर का मेनू खुला: बिस्तर, कुर्सी, मेज़, दरी, पर्दे, एक छोटा गमला।
एक छुअन से उठाया और कमरे में रख दिया — और वह ठीक अपनी जगह बैठ गया।
Didi ने सिर्फ गर्म रंगों में से चुना: नारंगी दीवारें, गहरी लाल बिस्तर, पीली दरी।
वाह! सच में सूर्यास्त जैसी शाम लग रही है!!
पूरा कमरा गर्म रोशनी से चमकने लगा, जैसे किसी ने गले लगा लिया हो।
लाल, गहरा लाल, नारंगी, पीला, जामुनी… गर्म रंग इकट्ठा हों तो उस कमरे में समा जाने का मन करता है।
Bobo का बर्फीला कमरा — भी तैयार!
अब Bobo की बारी। उसी खाली कमरे में Bobo ने सिर्फ ठंडे रंग चुने।
नीली दीवारें, फ़िरोज़ी बिस्तर, गहरे नीले पर्दे।
अरे! सच में ठंडा लग रहा है!
फर्नीचर Didi जैसा ही था — पर ठंडे रंगों से कमरा गर्मियों के समुद्र-किनारे जैसा हो गया।
नीला, फ़िरोज़ी, गहरा नीला, बैंगनी… ठंडे रंग देखते ही ताज़गी का एहसास हो जाता है।





















